Top latest Five sidh kunjika Urban news



देवी माहात्म्यं अपराध क्षमापणा स्तोत्रम्

No among the limbs in the Chaṇḍī Pāṭhaḥ is able to conveying all the solution of your Glory of your Goddess.

देवी माहात्म्यं दुर्गा सप्तशति द्वितीयोऽध्यायः

श्री दुर्गा अष्टोत्तर शत नाम स्तोत्रम्

देवी माहात्म्यं दुर्गा सप्तशति एकादशोऽध्यायः

क्लींकारी काल-रूपिण्यै, बीजरूपे नमोऽस्तु ते।।

देवी माहात्म्यं दुर्गा सप्तशति चतुर्थोऽध्यायः

देवी माहात्म्यं दुर्गा द्वात्रिंशन्नामावलि

श्री अन्नपूर्णा अष्टोत्तर शतनामावलिः

विच्चे चा ऽभयदा नित्यं, नमस्ते मन्त्ररूपिणि।।

दकारादि दुर्गा अष्टोत्तर शत नामावलि

इदं तु कुंजिकास्तोत्रं मंत्रजागर्तिहेतवे ।

'सुक्खू सरकार से लिखित आश्वासन मिलने तक धरना जारी', वोकेशनल टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन की दो टूक

ग्रहों के अशुभ प्रभाव खत्म हो जाते हैं. more info धन लाभ, विद्या अर्जन, शत्रु पर विजय, नौकरी में पदोन्नति, अच्छी सेहत, कर्ज से मुक्ति, यश-बल में बढ़ोत्तरी की इच्छा पूर्ण होती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *